Notes – अर्द्धवार्षिक परीक्षा 2026 – कक्षा 10 हिन्दी I2 min read

अर्द्धवार्षिक परीक्षा 2026 – कक्षा 10 हिन्दी I के लिए महत्वपूर्ण प्रश्न और उत्तर के नोट्स ( Useful For English and Hindi Medium Students )

1. बहुविकल्पीय प्रश्न (Multiple Choice Questions)

  1. पद्य साहित्य के इतिहास में ‘रीतिकाल’ की मुख्य विशेषता क्या है?
    (क) वीरगाथा (ख) श्रृंगार निरूपण (ग) देशप्रेम (घ) भक्ति
    • उत्तर: (ख) श्रृंगार निरूपण
  2. आधुनिक काल की किस काव्यधारा में शोषितों के प्रति सहानुभूति और शोषकों के प्रति आक्रोश व्यक्त किया गया है?
    (क) छायावाद (ख) प्रगतिवाद (ग) प्रयोगवाद (घ) नई कविता
    • उत्तर: (ख) प्रगतिवाद
  3. ‘तारसप्तक’ का संपादन किस काव्यधारा या काल से संबंधित है?
    (क) रीतिकाल (ख) प्रगतिवाद (ग) प्रयोगवाद (घ) भक्ति काल
    • उत्तर: (ग) प्रयोगवाद
  4. कक्षा 10वीं की पाठ्यपुस्तक में संकलित सूरदास के पदों की भाषा कौन सी है?
    (क) अवधी (ख) ब्रजभाषा (ग) खड़ी बोली (घ) मैथिली
    • उत्तर: (ख) ब्रजभाषा
  5. रीतिकाल के प्रतिनिधि कवि निम्नलिखित में से कौन माने जाते हैं?
    (क) कबीरदास (ख) बिहारी (ग) सुमित्रानंदन पंत (घ) निराला
    • उत्तर: (ख) बिहारी
  6. गद्य की विधाओं में ‘कहानी’ और ‘उपन्यास’ गद्य की किस श्रेणी में आते हैं?
    (क) प्रमुख विधाएँ (ख) गौण विधाएँ (ग) प्रासंगिक विधाएँ (घ) इनमें से कोई नहीं
    • उत्तर: (क) प्रमुख विधाएँ
  7. जीवनी, आत्मकथा और संस्मरण गद्य की कौन सी विधाएँ मानी जाती हैं?
    (क) मुख्य विधाएँ (ख) गौण विधाएँ (ग) दृश्य विधाएँ (घ) नाट्य विधाएँ
    • उत्तर: (ख) गौण विधाएँ
  8. ‘नई कविता’ का प्रारंभ किस दशक से माना जाता है?
    (क) 1920 (ख) 1950 (ग) 1900 (घ) 1980
    • उत्तर: (ख) 1950
  9. रीतिकाल को अन्य किस नाम से भी जाना जाता है?
    (क) वीरगाथा काल (ख) श्रृंगार काल (ग) स्वर्ण काल (घ) गद्य काल
    • उत्तर: (ख) श्रृंगार काल
  10. निबंध लेखन में मुख्य रूप से कितने अंग (भाग) होते हैं?
    (क) दो (ख) तीन (ग) पाँच (घ) सात
    • उत्तर: (ख) तीन (प्रस्तावना, मध्य भाग/विस्तार, उपसंहार)
  11. औपचारिक पत्र किसे लिखा जाता है?
    (क) मित्रों को (ख) प्रधानाचार्य या सरकारी अधिकारियों को (ग) माता-पिता को (घ) रिश्तेदारों को
    • उत्तर: (ख) प्रधानाचार्य या सरकारी अधिकारियों को
  12. काव्य के मूलतः कितने भेद होते हैं?
    (क) दो (दृश्य और श्रव्य) (ख) चार (ग) पाँच (घ) आठ
    • उत्तर: (क) दो (दृश्य और श्रव्य)

2. रिक्त स्थान की पूर्ति (Fill in the Blanks)

  1. रीतिकाल में मुख्य रूप से श्रृंगार रस की प्रधानता रही है।
  2. गद्य की गौण विधाओं में रेखाचित्र / संस्मरण एक प्रमुख विधा है।
  3. आधुनिक काल का प्रारंभ संवत 1900 (या सन् 1843) से माना जाता है।
  4. प्रगतिवाद काव्य में साम्यवाद (कार्ल मार्क्स) के सिद्धांतों का प्रभाव दिखाई देता है।
  5. सूरदास के पदों को क्षितिज भाग-2 के भ्रमरगीत प्रसंग से लिया गया है।
  6. अपठित गद्यांश का मुख्य उद्देश्य छात्रों की अर्थ ग्रहण / बोध क्षमता को परखना होता है।
  7. निबंध का अर्थ होता है – अच्छी तरह से बंधा हुआ होना।
  8. प्रयोगवाद के प्रवर्तक कवि सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन ‘अज्ञेय’ हैं।
  9. अनौपचारिक पत्र मित्रों एवं सगे-संबंधियों को लिखे जाते हैं।
  10. नाटक गद्य की एक दृश्य (प्रमुख) विधा है।
  11. नई कविता में जीवन के प्रत्येक क्षण को सत्य मानकर स्वीकार किया गया है।
  12. क्षितिज भाग-2 का ‘काव्यखण्ड’ हिंदी साहित्य के इतिहास के पद्य भाग से संबंधित है।

3. सही जोड़ी बनाइए (Match the Columns)

यहाँ दो खंड (अ और ब) दिए गए हैं, जिनका सही मिलान सामने उत्तर में दिया गया है:

खंड (अ)खंड (ब)सही उत्तर (मिलान)
1. बिहारी सतसई(अ) प्रयोगवाद के जनक1. रीतिकाल की रचना
2. अज्ञेय(ब) रीतिकाल की रचना2. प्रयोगवाद के जनक
3. नाटक और एकांकी(स) गद्य की गौण विधा3. दृश्य काव्य की विधाएँ
4. जीवनी और आत्मकथा(द) दृश्य काव्य की विधाएँ4. गद्य की गौण विधा
5. रामचरितमानस(इ) आधुनिक काल की शुरुआत5. महाकाव्य
6. भारतेंदु हरिश्चंद्र(फ) महाकाव्य6. आधुनिक काल की शुरुआत
7. प्रगतिवाद(ज) शोषितों के प्रति सहानुभूति7. शोषितों के प्रति सहानुभूति
8. सूरदास के पद(ह) औपचारिक पत्र8. भ्रमरगीत सार
9. संपादक को पत्र(ख) भ्रमरगीत सार9. औपचारिक पत्र
10. भाई को आमंत्रण पत्र(ग) एक अंक वाली विधा10. अनौपचारिक पत्र
11. एकांकी(घ) अनौपचारिक पत्र11. एक अंक वाली विधा
12. नई कविता(ङ) सन् 1950 के बाद12. सन् 1950 के बाद

4. सत्य / असत्य (True or False) – 12 प्रश्न

  1. रीतिकाल के कवियों को राज्याश्रय प्राप्त था।
    • उत्तर: सत्य
  2. कहानी गद्य की एक गौण विधा है।
    • उत्तर: असत्य (कहानी प्रमुख विधा है)
  3. प्रयोगवादी कविताओं में नवीन उपमानों और प्रतीकों का प्रयोग किया गया है।
    • उत्तर: सत्य
  4. औपचारिक पत्रों में आत्मीय भाषा और घरेलू बातों का प्रयोग किया जाता है।
    • उत्तर: असत्य (इसमें व्यावसायिक और मर्यादित भाषा होती है)
  5. प्रगतिवादी काव्यधारा के कवियों ने रूढ़िवादिता का खुलकर विरोध किया है।
    • उत्तर: सत्य
  6. निबंध लेखन में विचारों का कोई तार्किक क्रम नहीं होता।
    • उत्तर: असत्य (निबंध में तार्किक क्रम अनिवार्य है)
  7. आधुनिक काल को आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने ‘गद्य काल’ भी कहा है।
    • उत्तर: सत्य
  8. सूरदास वात्सल्य रस के सम्राट माने जाते हैं।
    • उत्तर: सत्य
  9. अपठित काव्यांश का उत्तर देने के लिए कविता को याद करना आवश्यक है।
    • उत्तर: असत्य (इसे केवल समझकर उत्तर देना होता है)
  10. रीतिकाल को तीन धाराओं- रीतिबद्ध, रीतिसिद्ध और रीतिमुक्त में बांटा गया है।
    • उत्तर: सत्य
  11. नई कविता में केवल ईश्वर भक्ति के पदों की रचना की गई है।
    • उत्तर: असत्य (इसमें आधुनिक मानव के द्वंद्व और यथार्थ का चित्रण है)
  12. संस्मरण का अर्थ किसी स्मृति या याद को प्रामाणिक रूप से लिखना है।
    • उत्तर: सत्य

5. एक वाक्य में उत्तर दीजिए (One Sentence Answers)

  1. गद्य की दो प्रमुख विधाओं के नाम लिखिए।
    • उत्तर: गद्य की दो प्रमुख विधाएँ निबंध और कहानी हैं।
  2. रीतिकाल के दो प्रमुख कवियों के नाम लिखिए।
    • उत्तर: रीतिकाल के दो प्रमुख कवि आचार्य केशवदास और महाकवि बिहारी हैं।
  3. प्रगतिवाद की शुरुआत किस वर्ष से मानी जाती है?
    • उत्तर: प्रगतिवाद की शुरुआत सन् 1936 से मानी जाती है।
  4. काव्य के कितने भेद होते हैं और वे कौन-कौन से हैं?
    • उत्तर: काव्य के मुख्य दो भेद होते हैं— श्रव्य काव्य और दृश्य काव्य।
  5. गद्य की चार गौण (गौण) विधाओं के नाम बताइए।
    • उत्तर: जीवनी, आत्मकथा, संस्मरण और रेखाचित्र गद्य की गौण विधाएँ हैं।
  6. पत्र लेखन के मुख्य दो प्रकार कौन-कौन से हैं?
    • उत्तर: पत्र लेखन के दो मुख्य प्रकार औपचारिक पत्र और अनौपचारिक पत्र हैं।
  7. प्रयोगवाद की एक मुख्य विशेषता या प्रवृत्ति बताइए।
    • उत्तर: प्रयोगवाद की मुख्य विशेषता काव्यानुभूति में नवीन प्रयोग और बुद्धिवाद की प्रधानता है।
  8. क्षितिज भाग-2 के गद्यखण्ड में किन साहित्यिक रूपों का अध्ययन किया जाता है?
    • उत्तर: गद्यखण्ड में गद्य की प्रमुख एवं गौण विधाओं जैसे कहानी, निबंध, रेखाचित्र आदि का अध्ययन किया जाता है।
  9. रीतिमुक्त काव्यधारा के किसी एक प्रसिद्ध कवि का नाम लिखिए।
    • उत्तर: रीतिमुक्त काव्यधारा के प्रमुख कवि घनानंद हैं।
  10. अपठित गद्यांश को हल करते समय सबसे पहले क्या करना चाहिए?
    • उत्तर: अपठित गद्यांश को हल करते समय सबसे पहले उसे दो-तीन बार ध्यानपूर्वक पढ़कर उसका मूल भाव समझना चाहिए।
  11. निबंध के अंतिम भाग को क्या कहते हैं जिसमें पूरे निबंध का निष्कर्ष होता है?
    • उत्तर: निबंध के अंतिम भाग को ‘उपसंहार’ कहते हैं।
  12. नई कविता की किसी एक प्रमुख विशेषता का उल्लेख कीजिए।
    • उत्तर: नई कविता की मुख्य विशेषता जीवन के यथार्थ का चित्रण और लघुमानववाद की प्रतिष्ठा है।

भाग 1: 2 अंक वाले महत्वपूर्ण प्रश्न (लघु उत्तरीय) – 25 प्रश्न

प्रश्न 1. पद्य साहित्य के इतिहास को कितने कालों में विभाजित किया गया है? नाम लिखिए।

  • उत्तर: पद्य साहित्य के इतिहास को मुख्य रूप से चार कालों में विभाजित किया गया है:
  1. आदिकाल (वीरगाथा काल)
  2. भक्तिकाल (पूर्व मध्यकाल)
  3. रीतिकाल (उत्तर मध्यकाल)
  4. आधुनिक काल।

प्रश्न 2. रीतिकाल को ‘श्रृंगार काल’ क्यों कहा जाता है?

  • उत्तर: रीतिकाल के अधिकांश कवियों ने अपनी रचनाओं में राजाओं को प्रसन्न करने के लिए श्रृंगार रस (नायक-नायिका भेद, नख-शिख वर्णन) को मुख्य विषय बनाया। इस काल में श्रृंगार रस की प्रधानता होने के कारण इसे श्रृंगार काल कहा जाता है।

प्रश्न 3. प्रगतिवाद की दो प्रमुख विशेषताएँ (प्रवृत्तियाँ) लिखिए।

  • उत्तर: (1) शोषितों (मजदूरों, किसानों) के प्रति गहरी सहानुभूति और शोषक वर्ग (पूँजीपतियों) के प्रति आक्रोश।
    (2) सामाजिक रूढ़ियों और पुरानी परंपराओं का विरोध।

प्रश्न 4. प्रयोगवाद के दो प्रमुख कवियों और उनकी एक-एक रचना का नाम लिखिए।

  • उत्तर:

अज्ञेय – रचना: ‘हरी घास पर क्षण भर’


गजानन माधव मुक्तिबोध – रचना: ‘चाँद का मुँह टेढ़ा है’

प्रश्न 5. नई कविता की दो प्रमुख विशेषताएँ लिखिए।

  • उत्तर: (1) लघुमानववाद की प्रतिष्ठा (अर्थात हर आम इंसान के सुख-दुख को महत्व देना)।
    (2) जीवन के प्रति यथार्थवादी दृष्टिकोण और नवीन बिम्बों-प्रतीकों का प्रयोग।

प्रश्न 6. गद्य की प्रमुख विधाएँ कौन-कौन सी हैं?

  • उत्तर: गद्य की प्रमुख विधाएँ निम्नलिखित हैं: (1) निबंध, (2) कहानी, (3) उपन्यास, (4) नाटक, (5) एकांकी, और (6) आलोचना।

प्रश्न 7. गद्य की किन्हीं चार गौण विधाओं के नाम लिखिए।

  • उत्तर: गद्य की चार गौण (प्रासंगिक) विधाएँ हैं: (1) जीवनी, (2) आत्मकथा, (3) संस्मरण, और (4) रेखाचित्र।

प्रश्न 8. कहानी और उपन्यास में कोई दो अंतर लिखिए।

  • उत्तर:
  1. कहानी का आकार छोटा होता है और इसमें जीवन की किसी एक घटना का चित्रण होता है।
  2. उपन्यास का आकार बड़ा होता है और इसमें संपूर्ण जीवन का व्यापक चित्रण होता है।

प्रश्न 9. नाटक और एकांकी में दो मुख्य अंतर बताइए।

  • उत्तर:
  1. नाटक में कई अंक होते हैं, जबकि एकांकी में केवल एक ही अंक होता है।
  2. नाटक में मुख्य कथा के साथ कई सहायक कथाएँ होती हैं, जबकि एकांकी में एक ही मुख्य कथा होती है।

प्रश्न 10. जीवनी और आत्मकथा में क्या अंतर है?

  • उत्तर: जीवनी किसी अन्य महान व्यक्ति के जीवन पर लेखक द्वारा लिखी जाती है (यह परनिष्ठ होती है), जबकि आत्मकथा लेखक स्वयं अपने जीवन की कहानी लिखता है (यह आत्मनिष्ठ होती है)।

प्रश्न 11. संस्मरण किसे कहते हैं?

  • उत्तर: जब कोई लेखक अपने जीवन में आए किसी व्यक्ति, वस्तु या घटना को अपनी स्मृति (यादों) के आधार पर प्रामाणिक और कलात्मक रूप से सजीव करता है, तो उसे संस्मरण कहते हैं।

प्रश्न 12. रेखाचित्र से आप क्या समझते हैं?

  • उत्तर: जब शब्दों के माध्यम से किसी व्यक्ति, वस्तु या दृश्य का ऐसा सजीव चित्र खींचा जाए कि पाठक के सामने उसका रेखाचित्र उभर आए, उसे रेखाचित्र (शब्दचित्र) कहते हैं।

प्रश्न 13. ‘A Letter to God’ पाठ के आधार पर लेंचो का भगवान पर कैसा विश्वास था?

  • उत्तर: लेंचो का भगवान पर अटूट और दृढ़ विश्वास था। उसका मानना था कि भगवान की आँखें सब कुछ देखती हैं और वे उसे भूखा नहीं मरने देंगे, इसलिए उसने मदद के लिए भगवान को पत्र लिखा।

प्रश्न 14. नेल्सन मंडेला के अनुसार ‘सच्ची स्वतंत्रता’ क्या है?

  • उत्तर: नेल्सन मंडेला के अनुसार सच्ची स्वतंत्रता का अर्थ केवल अपनी बेड़ियाँ काट देना नहीं है, बल्कि इस तरह से जीवन जीना है जो दूसरों की स्वतंत्रता का सम्मान करे और उसे बढ़ाए।

प्रश्न 15. रासायनिक अभिक्रिया किसे कहते हैं? एक उदाहरण दीजिए।

  • उत्तर: जब एक या एक से अधिक पदार्थ आपस में क्रिया करके पूर्णतः नए गुणों वाले नए पदार्थों का निर्माण करते हैं, तो उसे रासायनिक अभिक्रिया कहते हैं। उदाहरण: \(2H_2 + O_2 \rightarrow 2H_2O\) (पानी का बनना)।

प्रश्न 16. संतुलित रासायनिक समीकरण क्या है? इसे संतुलित करना क्यों आवश्यक है?

  • उत्तर: जिस रासायनिक समीकरण में अभिकारकों और उत्पादों के दोनों ओर प्रत्येक तत्व के परमाणुओं की संख्या समान होती है, उसे संतुलित समीकरण कहते हैं। द्रव्यमान संरक्षण के नियम का पालन करने के लिए इसे संतुलित करना आवश्यक है।

प्रश्न 17. सत्ता की साझेदारी से क्या तात्पर्य है?

  • उत्तर: किसी देश की शासन व्यवस्था में समाज के सभी वर्गों, समूहों और नागरिकों को हिस्सेदार बनाना सत्ता की साझेदारी कहलाता है। इससे लोकतंत्र मजबूत होता है और टकराव कम होता है।

प्रश्न 18. संघवाद क्या है? इसकी एक मुख्य विशेषता लिखिए।

  • उत्तर: संघवाद शासन की वह प्रणाली है जिसमें सत्ता का विभाजन केंद्रीय प्राधिकारी और देश की विभिन्न प्रांतीय इकाइयों के बीच होता है। इसकी विशेषता है कि यहाँ दो या अधिक स्तरों वाली सरकारें होती हैं।

प्रश्न 19. विकास (Development) की परिभाषा क्या है?

  • उत्तर: विकास एक व्यापक प्रक्रिया है जिसमें प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि, जीवन स्तर में सुधार, गरीबी व असमानता में कमी और शिक्षा व स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार शामिल है।

प्रश्न 20. भारतीय अर्थव्यवस्था के तीन प्रमुख क्षेत्रक कौन से हैं?

  • उत्तर: भारतीय अर्थव्यवस्था के तीन प्रमुख क्षेत्रक हैं:
  1. प्राथमिक क्षेत्रक (कृषि, पशुपालन)
  2. द्वितीयक क्षेत्रक (उद्योग, विनिर्माण)
  3. तृतीयक क्षेत्रक (सेवाएं – बैंकिंग, परिवहन)।

प्रश्न 21. तंबाकू निषेध हेतु शैक्षणिक संस्थानों के प्रवेश द्वार पर क्या निर्देश लगाना अनिवार्य है?

  • उत्तर: शैक्षणिक संस्थान परिसर के प्रवेश द्वार या बाउंड्रीवॉल पर ‘तंबाकू मुक्त क्षेत्र’ का बैनर, पोस्टर या साइनेज लगाना अनिवार्य है ताकि परिसर के भीतर तंबाकू उत्पादों का उपयोग वर्जित रहे।

प्रश्न 22. सड़क सुरक्षा के नियमों के अनुसार किस आयु से कम के बच्चों को वाहन नहीं देना चाहिए?

  • उत्तर: सड़क सुरक्षा के सामान्य दिशा-निर्देशों के अनुसार 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को वाहन चलाने के लिए नहीं देना चाहिए।

प्रश्न 23. औपचारिक पत्र किसे लिखे जाते हैं? दो उदाहरण दीजिए।

  • उत्तर: औपचारिक पत्र उन लोगों को लिखे जाते हैं जिनसे हमारा कोई व्यक्तिगत या पारिवारिक संबंध नहीं होता। उदाहरण: (1) विद्यालय के प्राचार्य को आवेदन पत्र, (2) जिलाधीश या नगर निगम अधिकारी को शिकायती पत्र।

प्रश्न 24. अनौपचारिक पत्र से क्या तात्पर्य है?

  • उत्तर: जो पत्र मित्रों, सगे-संबंधियों और परिवार के सदस्यों को लिखे जाते हैं, उन्हें अनौपचारिक या व्यक्तिगत पत्र कहते हैं। इनमें आत्मीय भाषा का प्रयोग होता है।

प्रश्न 25. अपठित गद्यांश को हल करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

  • उत्तर: (1) गद्यांश को दो-तीन बार ध्यान से पढ़कर उसका मूल भाव समझना चाहिए। (2) प्रश्नों के उत्तर सीधे, सरल भाषा में और गद्यांश के आधार पर ही देने चाहिए।

भाग 2: 3 अंक वाले महत्वपूर्ण प्रश्न (विश्लेषणात्मक) – 20 प्रश्न

प्रश्न 1. रीतिकाल की तीन प्रमुख विशेषताएँ विस्तार से लिखिए।

  • उत्तर:
  1. श्रृंगार रस की प्रधानता: इस काल के काव्यों में नायक-नायिका के संयोग और वियोग पक्ष का अत्यधिक सुंदर व सूक्ष्म वर्णन मिलता है।
  2. आश्रयदाताओं की प्रशंसा: कवि अपने राजाओं को प्रसन्न करने के लिए उनकी झूठी या अत्यधिक प्रशंसा में काव्य रचते थे।
  3. ब्रजभाषा का प्रयोग: रीतिकाल में खड़ी बोली की जगह ब्रजभाषा का बहुत ही मधुर और परिष्कृत रूप देखने को मिलता है।

प्रश्न 2. छायावाद और प्रगतिवाद में कोई तीन प्रमुख अंतर स्पष्ट कीजिए।

  • उत्तर:
  • छायावाद: इसमें कल्पना की प्रधानता होती है, व्यक्तिवादी भावना (स्वयं के सुख-दुख) मुख्य होती है, और प्रकृति का मानवीकरण किया जाता है।
  • प्रगतिवाद: इसमें यथार्थ (वास्तविकता) की प्रधानता होती है, सामाजिक चेतना (मजदूर-किसान) मुख्य होती है, और शोषक वर्ग के प्रति विद्रोह की भावना होती है।

प्रश्न 3. सूरदास के पदों के आधार पर गोपियों का वाक्चातुर्य (बोलने की कला) कैसा है? स्पष्ट कीजिए।

  • उत्तर: गोपियाँ बात करने में अत्यंत चतुर हैं। वे अपने व्यंग्य बाणों से ज्ञानी उद्धव को भी निरुत्तर कर देती हैं। वे उद्धव के ज्ञान मार्ग और योग साधना को ‘कड़वी ककड़ी’ और ‘व्याधि (बीमारी)’ बताकर सीधे कृष्ण के प्रति अपने एकनिष्ठ प्रेम को सर्वोपरि सिद्ध कर देती हैं। उनका वाक्चातुर्य तर्कसंगत और भावपूर्ण है।

प्रश्न 4. निबंध की परिभाषा देते हुए इसके मुख्य तीन अंग समझाइए।

  • उत्तर: निबंध वह गद्य रचना है जिसमें लेखक किसी विषय पर अपने विचारों को सीमित आकार में व्यवस्थित और सुगठित रूप से प्रस्तुत करता है। इसके तीन अंग हैं:
  1. प्रस्तावना (भूमिका): इसमें विषय का परिचय देकर पाठक में उत्सुकता जगाई जाती है।
  2. मध्य भाग (विस्तार): इसमें मुख्य विचारों को अनुच्छेदों में तार्किक रूप से फैलाया जाता है।
  3. उपसंहार (निष्कर्ष): यह निबंध का अंतिम भाग होता है जिसमें पूरे विषय का सार प्रस्तुत किया जाता है।

प्रश्न 5. गद्य की विधाओं में ‘कहानी’ के मुख्य तत्व कौन-कौन से होते हैं? नाम लिखिए।

  • उत्तर: एक आदर्श कहानी के मुख्य 6 तत्व होते हैं:
  1. कथावस्तु (कथानक)
  2. पात्र एवं चरित्र-चित्रण
  3. कथोप कथन (संवाद)
  4. देशकाल एवं वातावरण
  5. भाषा-शैली
  6. उद्देश्य।

प्रश्न 6. अपठित गद्यांश का महत्व क्या है? इसके शीर्षक का चुनाव कैसे करना चाहिए?

  • उत्तर: अपठित गद्यांश का मुख्य उद्देश्य छात्रों की भाषा-बोध, अर्थ-ग्रहण और तार्किक क्षमता का मूल्यांकन करना है। इसके शीर्षक का चुनाव करते समय यह ध्यान रखना चाहिए कि शीर्षक गद्यांश के केंद्रीय भाव (मुख्य विचार) से जुड़ा हो, संक्षिप्त हो और आकर्षक हो।

प्रश्न 7. संयोजन, वियोजन और विस्थापन अभिक्रियाओं को एक-एक वाक्य में समझाइए।

  • उत्तर:
  1. संयोजन अभिक्रिया: वह अभिक्रिया जिसमें दो या दो से अधिक अभिकारक मिलकर एकल उत्पाद बनाते हैं।
  2. वियोजन अभिक्रिया: वह अभिक्रिया जिसमें एक एकल अभिकारक टूटकर दो या अधिक सरल पदार्थों में बदल जाता है।
  3. विस्थापन अभिक्रिया: वह अभिक्रिया जिसमें एक अधिक क्रियाशील तत्व, कम क्रियाशील तत्व को उसके यौगिक से अलग कर देता है।

प्रश्न 8. रासायनिक समीकरण को संतुलित करने की ‘हिट एंड ट्रायल’ विधि क्या है?

  • उत्तर: इस विधि में रासायनिक समीकरण के दोनों ओर उपस्थित तत्वों के परमाणुओं की संख्या को समान करने के लिए सबसे छोटी पूर्णांक संख्या के गुणांक का उपयोग किया जाता है। हम तब तक अनुमान लगाकर गुणांक बदलते हैं जब तक कि दोनों तरफ परमाणु संतुलित न हो जाएं।

प्रश्न 9. बेल्जियम ने अपनी जातीय समस्या का समाधान किस प्रकार किया?

  • उत्तर: बेल्जियम ने समझदारी दिखाते हुए अपने संविधान में चार संशोधन किए। उन्होंने केंद्र सरकार में डच और फ्रांसीसी भाषी मंत्रियों की संख्या समान कर दी, क्षेत्रीय सरकारों को स्वायत्तता दी और ब्रुसेल्स में अलग समान प्रतिनिधित्व वाली सरकार बनाई ताकि कोई भाषाई टकराव न हो।

प्रश्न 10. श्रीलंका में बहुसंख्यकवाद ने किस प्रकार गृहयुद्ध को जन्म दिया?

  • उत्तर: श्रीलंका में सिंहली समुदाय ने सरकार बनते ही कानून बनाकर सिंहली भाषा को एकमात्र राजभाषा घोषित कर दिया और तमिलों को नौकरियों व शिक्षा में दरकिनार कर दिया। इस बहुसंख्यकवाद के कारण तमिलों में अलगाव की भावना बढ़ी, जिसने अंततः हिंसक गृहयुद्ध का रूप ले लिया।

प्रश्न 11. सत्ता की साझेदारी के तीन अलग-अलग रूप क्या हो सकते हैं?

  • उत्तर:
  1. क्षैतिज वितरण: सरकार के विभिन्न अंगों (विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका) के बीच सत्ता का बंटवारा।
  2. ऊर्ध्वाधर वितरण: सरकार के विभिन्न स्तरों (केंद्र सरकार, राज्य सरकार, स्थानीय निकाय) के बीच सत्ता का बंटवारा।
  3. सामाजिक समूहों में वितरण: विभिन्न भाषाई, धार्मिक या कमजोर वर्गों (जैसे आरक्षित चुनाव क्षेत्र) के बीच बंटवारा।

प्रश्न 12. एकात्मक और संघात्मक सरकार में क्या अंतर है?

  • उत्तर: एकात्मक सरकार में शासन का एक ही स्तर होता है और बाकी इकाइयाँ उसके अधीन काम करती हैं, केंद्र सरकार सर्वशक्तिमान होती है। जबकि संघात्मक सरकार में दो या अधिक स्तरों की सरकारें होती हैं और संविधान द्वारा दोनों स्तरों को अपनी-अपनी शक्तियाँ व स्वायत्तता प्राप्त होती है।

प्रश्न 13. धारणीयता का विषय विकास के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?

  • उत्तर: धारणीयता (सतत विकास) का अर्थ है कि वर्तमान पीढ़ी अपनी आवश्यकताओं को इस प्रकार पूरा करे कि आने वाली पीढ़ियों के संसाधन बचे रहें। यदि हम प्राकृतिक संसाधनों (जैसे भूजल, कोयला) का अंधाधुंध दोहन करेंगे, तो भविष्य में विकास रुक जाएगा, इसलिए धारणीयता विकास के लिए अनिवार्य है।

प्रश्न 14. प्राथमिक क्षेत्रक और तृतीयक क्षेत्रक में परस्पर क्या संबंध है? उदाहरण सहित समझाइए।

  • उत्तर: प्राथमिक क्षेत्रक कच्चे माल का उत्पादन करता है (जैसे कपास या गेहूं), जबकि तृतीयक क्षेत्रक (सेवा क्षेत्र) इसे बाजार तक पहुंचाने में मदद करता है। उदाहरण के लिए, किसान द्वारा उगाए गए गेहूं को मिल तक ले जाने के लिए परिवहन (ट्रक) और व्यापारिक लेनदेन के लिए बैंक की आवश्यकता होती है, जो तृतीयक क्षेत्रक के हिस्से हैं।

प्रश्न 15. प्रच्छन्न (छिपी हुई) बेरोजगारी से आप क्या समझते हैं? शहरी या ग्रामीण क्षेत्र का उदाहरण दीजिए।

  • उत्तर: जब किसी काम में आवश्यकता से अधिक लोग लगे होते हैं और यदि उनमें से कुछ लोगों को हटा भी दिया जाए तो कुल उत्पादन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता, उसे प्रच्छन्न बेरोजगारी कहते हैं। उदाहरण: ग्रामीण क्षेत्रों में एक छोटे से खेत पर पूरे परिवार के 7 सदस्य काम करते हैं, जबकि वहाँ केवल 3 लोगों की ही आवश्यकता है।

प्रश्न 16. सांदीपनि विद्यालयों में आयोजित होने वाले “अकादमिक संवाद” का मुख्य उद्देश्य क्या है?

  • उत्तर: अकादमिक संवाद का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों और स्कूल लीडर्स को एक साझा मंच प्रदान करना है, जहाँ वे कक्षा-शिक्षण की चुनौतियाँ, छात्रों के सीखने के स्तर का अंतर (Learning Gaps) और पाठ्य-योजनाओं पर तथ्य-आधारित चर्चा कर व्यावहारिक सुधार की योजना बना सकें ताकि हर कक्षा में प्रभावी शिक्षण हो।

प्रश्न 17. ‘तंबाकू मुक्त शिक्षण संस्थान’ (TOFEI) दिशा-निर्देशों के अंतर्गत परिसर के बाहर के लिए क्या नियम हैं?

  • उत्तर: नियमों के अनुसार शिक्षण संस्थान के परिसर से 100 मीटर की दूरी का दायरा चिन्हित किया जाना चाहिए। इस 100 मीटर के दायरे में आने वाली किसी भी दुकान या व्यावसायिक स्थल पर तंबाकू उत्पादों (बीड़ी, सिगरेट, गुटका) की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

प्रश्न 18. पैदल चलने वाले व्यक्तियों और वाहन चालकों के लिए सड़क सुरक्षा के किन्हीं तीन नियमों को लिखिए।

  • उत्तर:
  1. पैदल चलने वाले व्यक्ति हमेशा फुटपाथ का प्रयोग करें और सड़क पार करने के लिए रेड सिग्नल होने पर जेबरा क्रॉसिंग का उपयोग करें।
  2. दोपहिया वाहन चलाते समय हमेशा आईएसआई (ISI) मार्क वाले हेलमेट का उपयोग अनिवार्य रूप से करें।
  3. चार पहिया वाहन चलाते समय हमेशा सीट बेल्ट का प्रयोग करें और गति अवरोधक आने पर गति धीमी करें।

प्रश्न 19. औपचारिक और अनौपचारिक पत्र के प्रारूप (Format) में क्या मुख्य अंतर होता है?

  • उत्तर:
  • औपचारिक पत्र: इसमें पत्र के शीर्ष पर सेवा में अधिकारी का पद, संस्था का नाम, ‘विषय’ (Subject) का स्पष्ट उल्लेख और अंत में ‘भवदीय’ या ‘विनीत’ लिखा जाता है।
  • अनौपचारिक पत्र: इसमें विषय लिखने की आवश्यकता नहीं होती। इसमें बड़ों के लिए आदरणीय/पूजनीय और छोटों के लिए प्रिय जैसे संबोधनों तथा ‘सादर प्रणाम’ या ‘स्नेह आशीर्वाद’ जैसे शिष्टाचार सूचक शब्दों का प्रयोग होता है।

प्रश्न 20. पद्य साहित्य के इतिहास में ‘रीतिकाल’ के पतन के क्या कारण थे?

  • उत्तर: रीतिकाल के पतन के मुख्य तीन कारण थे: (1) अत्यधिक विलासिता और केवल श्रृंगार रस पर ध्यान केंद्रित करना जिससे जनजीवन की वास्तविकता छूट गई। (2) चमत्कार प्रदर्शन और अलंकारों का बोझिल प्रयोग जिससे कविता नीरस हो गई। (3) कवियों का लोक-कल्याण की भावना से विमुख होकर केवल राजाओं की चाटुकारिता में लीन रहना।

भाग 3: 4 अंक वाले महत्वपूर्ण प्रश्न (दीर्घ उत्तरीय / रचनात्मक) – 15 प्रश्न

प्रश्न 1. आधुनिक काल के विकास क्रम को समझाते हुए इसके विभिन्न उप-विभागों (युगों) का समय सहित चार्ट प्रस्तुत कीजिए।

  • उत्तर: आधुनिक काल हिंदी साहित्य का सबसे समृद्ध काल माना जाता है, जहाँ गद्य और पद्य दोनों विधाओं का तीव्र विकास हुआ। इसे निम्नलिखित युगों में विभाजित किया गया है:
  1. भारतेंदु युग (पुनर्जागरण काल): सन् 1868 से 1900 तक। इस युग में राष्ट्रीयता की भावना का उदय हुआ।
  2. द्विवेदी युग (जागरण सुधार काल): सन् 1900 से 1920 तक। आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी के नाम पर खड़ी बोली को परिष्कृत किया गया।
  3. छायावादी युग: सन् 1920 से 1936 तक। इसमें प्रकृति प्रेम, रहस्यवाद और वैयक्तिकता की प्रधानता रही।
  4. प्रगतिवादी युग: सन् 1936 से 1943 तक। यह मार्क्सवादी विचारधारा और शोषितों की आवाज से प्रेरित था।
  5. प्रयोगवादी युग: सन् 1943 से 1950 तक। इसमें नए प्रयोगों और अज्ञेय जी के ‘तारसप्तक’ का संपादन हुआ।
  6. नई कविता युग: सन् 1950 से अब तक। यह आधुनिक यथार्थ और लघुमानव की प्रतिष्ठा का युग है।

प्रश्न 2. अपने विद्यालय के प्राचार्य को ‘शाला शिक्षण शुल्क मुक्ति’ (स्कॉलरशिप/फीस कंसेशन) हेतु एक औपचारिक आवेदन पत्र लिखिए।

  • उत्तर:
    सेवा में,
    श्रीमान प्राचार्य महोदय,
    शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय,
    ग्वालियर (म.प्र.)

विषय: शाला शिक्षण शुल्क से पूर्ण मुक्ति हेतु आवेदन पत्र।

महोदय,
विनम्र निवेदन है कि मैं आपके विद्यालय की कक्षा 10वीं (अ) का एक नियमित और मेधावी छात्र हूँ। मेरे पिताजी एक छोटे किसान हैं और उनकी मासिक आय अत्यधिक सीमित है, जिससे परिवार का भरण-पोषण भी कठिनाई से हो पाता है। इस वर्ष खरीफ की फसल नष्ट हो जाने के कारण हमारे परिवार की आर्थिक स्थिति और खराब हो गई है, जिससे पिताजी मेरा मासिक शिक्षण शुल्क देने में असमर्थ हैं।
मैं आपको विश्वास दिलाता हूँ कि मैंने पिछली सभी कक्षाओं में प्रथम स्थान प्राप्त किया है और खेलकूद में भी विद्यालय का प्रतिनिधित्व किया है। अतः आपसे प्रार्थना है कि मेरी पढ़ाई निरंतर जारी रखने के लिए मुझे शाला शुल्क से पूर्ण मुक्ति प्रदान करने की कृपा करें। इसके लिए मैं सदैव आपका आभारी रहूँगा।

दिनांक: 11/10/2026
आपका आज्ञाकारी शिष्य,
क.ख.ग.
कक्षा: 10वीं ‘अ’

प्रश्न 3. अपने मित्र को परीक्षा में प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण होने पर बधाई देते हुए एक अनौपचारिक पत्र लिखिए।

  • उत्तर:
    12/4, नेहरू नगर,
    ग्वालियर (म.प्र.)
    दिनांक: 11 अक्टूबर, 2026

प्रिय मित्र राहुल,
सप्रेम नमस्ते।

कल शाम ही इंटरनेट पर तुम्हारा कक्षा 10वीं का परीक्षा परिणाम देखा। यह जानकर मुझे और मेरे पूरे परिवार को अत्यधिक प्रसन्नता हुई कि तुमने पूरे जिले में प्रथम स्थान प्राप्त कर प्रथम श्रेणी में परीक्षा उत्तीर्ण की है। तुम्हारी इस शानदार सफलता पर मेरी ओर से तुम्हें बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं!
मुझे पूरा विश्वास था कि तुम्हारी दिन-रात की कड़ी मेहनत और लगन रंग लाएगी। तुमने अपने माता-पिता के साथ-साथ हम सभी मित्रों का सिर भी गर्व से ऊंचा कर दिया है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि तुम भविष्य में भी इसी प्रकार सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित करो। अंकल और आंटी को मेरा सादर चरण स्पर्श कहना और छोटी बहन को बहुत सारा प्यार। समय मिले तो पत्र का उत्तर जरूर देना।

तुम्हारा अभिन्न मित्र,
अमित।

प्रश्न 4. “सड़क सुरक्षा – जीवन रक्षा” विषय पर लगभग 150 शब्दों में एक सारगर्भित निबंध/अनुच्छेद लिखिए।

  • उत्तर:
    सड़क सुरक्षा – जीवन रक्षा
    आज के आधुनिक युग में यातायात के साधन हमारी जीवनशैली का अभिन्न अंग बन चुके हैं। किंतु वाहनों की बढ़ती संख्या के साथ-साथ सड़क दुर्घटनाओं में भी खतरनाक वृद्धि हुई है। अधिकांश दुर्घटनाएँ मानवीय भूलों, लापरवाही और यातायात के नियमों की अनदेखी के कारण होती हैं। इसलिए ‘सड़क सुरक्षा – जीवन रक्षा’ केवल एक नारा नहीं, बल्कि हमारे जीवन को सुरक्षित रखने का मूल मंत्र है।
    सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन करना हर नागरिक का नैतिक और कानूनी कर्तव्य है। दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट लगाना और चार पहिया वाहन में सीट बेल्ट का उपयोग करना दुर्घटना के समय जीवन बचने की संभावना को कई गुना बढ़ा देता है। कम उम्र के बच्चों (18 वर्ष से कम) को वाहन चलाने की अनुमति कतई नहीं दी जानी चाहिए क्योंकि उनके पास न तो वैध ड्राइविंग लाइसेंस होता है और न ही आवश्यक परिपक्वता। तीव्र गति से वाहन चलाना, गलत दिशा में ओवरटेक करना और मोबाइल पर बात करना हादसों को सीधा निमंत्रण है। यदि हम सब सड़क पर लगे संकेतकों को देखें, जेबरा क्रॉसिंग का नियम समझें और अपने वाहनों में प्राथमिक उपचार सामग्री (First Aid Kit) रखें, तो अमूल्य मानव जीवन को असमय नष्ट होने से बचाया जा सकता है। याद रखें, दुर्घटना से देर भली।

प्रश्न 5. निम्नलिखित अपठित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए:
“मानव जीवन का सबसे सुंदर समय उसका विद्यार्थी जीवन होता है। विद्यार्थी जीवन में चरित्र, संस्कार और ज्ञान की नींव पड़ती है। जो विद्यार्थी इस समय का सही उपयोग समय सारिणी (Time Table) बनाकर करता है, वह भविष्य में सफलता के ऊंचे शिखर को छूता है। समय का दुरुपयोग करने वाले व्यक्ति को बाद में पछताना पड़ता है। अनुशासन ही वह सेतु है जो विद्यार्थी को उसकी मंजिल तक पहुंचाता है। अतः प्रत्येक छात्र को व्यसनों (जैसे तंबाकू, मोबाइल का अत्यधिक उपयोग आदि) से दूर रहकर अपने स्वास्थ्य और शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।”

प्रश्न:
(१) उपर्युक्त गद्यांश का एक उपयुक्त शीर्षक लिखिए।
(२) मानव जीवन का सबसे सुंदर समय कौन सा माना गया है?
(३) विद्यार्थी जीवन में किस चीज की नींव पड़ती है?
(४) अनुशासन का विद्यार्थी जीवन में क्या महत्व है?

  • उत्तर:
    (१) उपयुक्त शीर्षक: विद्यार्थी जीवन और अनुशासन (या समय का महत्व)।
    (२) मानव जीवन का सबसे सुंदर समय ‘विद्यार्थी जीवन’ को माना गया है।
    (३) विद्यार्थी जीवन में चरित्र, संस्कार और ज्ञान की नींव पड़ती है।
    (४) अनुशासन वह सेतु (पुल) है जो किसी भी विद्यार्थी को उसकी सफलता की मंजिल तक आसानी से पहुंचाता है।

प्रश्न 6. रासायनिक समीकरण को संतुलित कीजिए और रासायनिक अभिक्रिया का प्रकार भी बताइए:
(i) \(Fe + H_2O \rightarrow Fe_3O_4 + H_2\)
(ii) \(Na + H_2O \rightarrow NaOH + H_2\)

  • उत्तर:
    (i) संतुलित रूप: \(3Fe + 4H_2O \rightarrow Fe_3O_4 + 4H_2\)
  • अभिक्रिया का प्रकार: यह एक विस्थापन अभिक्रिया (और साथ ही रेडॉक्स/उपचयन-अपचयन अभिक्रिया) है, जहाँ आयरन, हाइड्रोजन को विस्थापित कर रहा है।

(ii) संतुलित रूप: \(2Na + 2H_2O \rightarrow 2NaOH + H_2\)

  • अभिक्रिया का प्रकार: यह भी एक विस्थापन अभिक्रिया है, जिसमें अत्यधिक क्रियाशील सोडियम धातु जल से हाइड्रोजन को विस्थापित करती है।

प्रश्न 7. सत्ता की साझेदारी क्यों जरूरी है? युक्तिपरक और नैतिक कारणों का विस्तार से वर्णन कीजिए।

  • उत्तर: सत्ता की साझेदारी के दो मुख्य कारण होते हैं:
  1. युक्तिपरक (समझदारी का) कारण: यह कारण सामाजिक समूहों के बीच टकराव के अंदेशे को कम करता है। चूंकि सामाजिक टकराव आगे बढ़कर अक्सर हिंसा और राजनीतिक अस्थिरता का रूप ले लेता है, इसलिए सत्ता में सभी को हिस्सा देना राजनीतिक व्यवस्था के स्थायित्व के लिए अच्छा है। जैसे बेल्जियम ने टकराव रोकने के लिए सत्ता बांटी।
  2. नैतिक कारण: सत्ता की साझेदारी लोकतंत्र की आत्मा है। लोकतंत्र का सीधा अर्थ होता है कि जिन लोगों के ऊपर शासन किया जा रहा है और जो शासन व्यवस्था के अंतर्गत हैं, उनके बीच सत्ता को साझा किया जाए। एक वैध सरकार वही है जहाँ अपनी भागीदारी के माध्यम से सभी समूह शासन व्यवस्था से जुड़ते हैं।

प्रश्न 8. भारत में संघवाद का स्वरूप कैसा है? केंद्र और राज्यों के बीच शक्तियों के विभाजन की तीन सूचियों को समझाइए।

  • उत्तर: भारत में एक त्रि-स्तरीय संघीय शासन व्यवस्था है। संविधान में केंद्र और राज्य सरकारों के बीच विधायी शक्तियों को तीन सूचियों में स्पष्ट रूप से विभाजित किया गया है:
  1. संघ सूची: इसमें राष्ट्रीय महत्व के विषय जैसे- रक्षा, विदेशी मामले, बैंकिंग और रेलवे शामिल हैं। इन पर कानून बनाने का अधिकार केवल केंद्र सरकार को है।
  2. राज्य सूची: इसमें प्रांतीय और स्थानीय महत्व के विषय जैसे- पुलिस, व्यापार, वाणिज्य, कृषि और सिंचाई शामिल हैं। इन पर कानून बनाने का अधिकार राज्य सरकार को है।
  3. समवर्ती सूची: इसमें शिक्षा, वन, मजदूर संघ, विवाह जैसे विषय शामिल हैं जिन पर केंद्र और राज्य दोनों कानून बना सकते हैं। टकराव की स्थिति में केंद्र का कानून मान्य होता है।

प्रश्न 9. संगठित और असंगठित क्षेत्रक की कार्य परिस्थितियों में मुख्य अंतरों का तुलनात्मक विवरण तालिका के रूप में दीजिए।

  • उत्तर:
विशेषतासंगठित क्षेत्रक (Organized Sector)असंगठित क्षेत्रक (Unorganized Sector)
रोजगार की सुरक्षारोजगार नियमित और सुरक्षित होता है, बिना ठोस कारण नौकरी से नहीं निकाल सकते।रोजगार असुरक्षित होता है, मालिक जब चाहे काम से हटा सकता है।
नियम व कानूनयह सरकारी नियमों, जैसे कारखाना अधिनियम, न्यूनतम मजदूरी अधिनियम के अंतर्गत आता है।यह सरकारी नियंत्रण से बाहर होता है और नियमों का पालन नहीं किया जाता।
अतिरिक्त लाभसवैतनिक अवकाश (Paid Leave), भविष्य निधि (PF) और चिकित्सा सुविधाएं मिलती हैं।सवैतनिक अवकाश या बीमारी के कारण छुट्टी पर पैसे कटते हैं, कोई अतिरिक्त लाभ नहीं मिलता।
कार्य के घंटेकाम के घंटे निश्चित होते हैं। अतिरिक्त समय काम करने पर ‘ओवरटाइम’ मिलता है।काम के घंटे अनिश्चित होते हैं और अतिरिक्त काम का कोई पैसा नहीं मिलता।

प्रश्न 10. राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम 2005 (मनरेगा/MGNREGA) की प्रमुख विशेषताओं का मूल्यांकन कीजिए।

  • उत्तर: मनरेगा (MGNREGA 2005) भारत में ग्रामीण रोजगार सुनिश्चित करने वाला एक ऐतिहासिक कानून है, जिसकी प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:
  1. 100 दिनों के रोजगार की गारंटी: यह ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्येक इच्छुक वयस्क को एक वित्तीय वर्ष में कम से कम 100 दिनों के सवैतनिक रोजगार की कानूनी गारंटी देता है।
  2. बेरोजगारी भत्ता: यदि सरकार आवेदन करने के 15 दिनों के भीतर रोजगार प्रदान करने में असफल रहती है, तो आवेदक को दैनिक बेरोजगारी भत्ता पाने का अधिकार है।
  3. महिलाओं को प्राथमिकता: इस अधिनियम के अंतर्गत कुल उपलब्ध रोजगारों में से कम से कम एक-तिहाई (33%) पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं।
  4. स्थानीय विकास: इसके तहत मुख्य रूप से उन कार्यों को प्राथमिकता दी जाती है जिससे भविष्य में भूमि से उत्पादन बढ़ाने (जैसे जल संरक्षण, वृक्षारोपण, सड़कों का निर्माण) में मदद मिले।

प्रश्न 11. सूरदास अथवा सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ में से किसी एक कवि का साहित्यिक परिचय निम्नलिखित बिंदुओं के आधार पर लिखिए: (अ) दो रचनाएँ (ब) भावपक्ष-कलापक्ष (स) साहित्य में स्थान।

  • उत्तर: महाकवि सूरदास का साहित्यिक परिचय:
  • (अ) दो रचनाएँ: (1) सूरसागर, (2) साहित्य लहरी (या सूरसारावली)।
  • (ब) भावपक्ष: सूरदास भक्तिकाल की सगुण काव्यधारा के कृष्णभक्ति शाखा के सर्वोपरि कवि हैं। उनके काव्य का मुख्य विषय श्रीकृष्ण की बाल-लीलाएं और अनन्य प्रेम है। वे वात्सल्य और श्रृंगार रस के सम्राट माने जाते हैं। गोपियों के विरह का जो मार्मिक वर्णन उन्होंने ‘भ्रमरगीत’ में किया है, वह बेजोड़ है।
  • कलापक्ष: सूरदास जी ने अपनी रचनाओं में शुद्ध, साहित्यिक और मधुर ब्रजभाषा का प्रयोग किया है। उनके पद गेय (गाने योग्य) हैं जिनमें उपमा, रूपक, उत्प्रेक्षा और अनुप्रास अलंकार का सहज समावेश दिखाई देता है।
  • (स) साहित्य में स्थान: हिंदी साहित्य आकाश में सूरदास का स्थान सूर्य के समान है (जैसा कि कहा गया है- सूर सूर तुलसी ससी)। वात्सल्य रस के सजीव चित्रण में संसार का कोई भी कवि उनके समकक्ष नहीं ठहरता।

प्रश्न 12. दिए गए विज्ञापन आलेख (Advertisement Writing) के प्रारूप को तैयार कीजिए: “आपके विद्यालय में आयोजित होने वाले तंबाकू मुक्ति जागरूकता शिविर हेतु एक आकर्षक विज्ञापन बनाइए।”

  • उत्तर:
+-----------------------------------------------------------------------+

|                       !!! सजग रहें - स्वस्थ रहें !!!                   |
|                                                                       |
|                       तंबाकू मुक्त जीवन, खुशहाल बचपन                  |
|                 (सांदीपनि विद्यालय द्वारा जनहित में जारी)              |
|                                                                       |
|   सभी विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को सूचित किया जाता है कि हमारे      |
|   विद्यालय परिसर में एक "विशाल तंबाकू निषेध एवं परामर्श शिविर" का    |
|   आयोजन किया जा रहा है।                                               |
|                                                                       |
|   मुख्य आकर्षण:                                                       |
|   * विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा स्वास्थ्य जांच व निशुल्क परामर्श         |
|   * तंबाकू के दुष्प्रभावों पर लघु फिल्म और पोस्टर प्रदर्शनी          |
|   * छात्रों द्वारा नुक्कड़ नाटक और सामूहिक शपथ ग्रहण समारोह           |
|                                                                       |
|   स्थान: विद्यालय मुख्य सभागार                                        |
|   दिनांक: 15 अक्टूबर 2026 | समय: प्रातः 10:00 बजे से दोपहर 02:00 बजे तक  |
|                                                                       |
|           "आओ मिलकर कदम बढ़ाएं, अपने संस्थान को तंबाकू मुक्त बनाएं"     |
|                                                                       |
|   आयोजक:                                                              |
|   शाला प्रबंधन समिति (SMC) एवं तंबाकू मॉनीटर्स दल                     |
+-----------------------------------------------------------------------+


=Use code with caution.

प्रश्न 13. चित्र संयोजन (Picture Composition): यदि आपको एक व्यस्त चौराहे का चित्र दिया जाए जहाँ लोग यातायात के नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं, तो आप उस पर क्या संदेशपरक आलेख तैयार करेंगे?

  • उत्तर: व्यस्त चौराहे पर नियमों के उल्लंघन से अराजकता और जान का जोखिम उत्पन्न होता है। इसके सुधार और जागरूकता के लिए 4 मुख्य बिंदुओं पर आधारित आलेख इस प्रकार है:
  1. लाल बत्ती का सम्मान: जब चौराहा व्यस्त हो और रेड सिग्नल ऑन हो, तो वाहन को जेबरा क्रॉसिंग के पीछे रोकना अनिवार्य है। ऐसा न करने पर पैदल यात्रियों का मार्ग अवरुद्ध होता है और दुर्घटना की संभावना बढ़ जाती है।
  2. सुरक्षा उपकरणों की अनदेखी: चित्र में बिना हेलमेट के दोपहिया वाहन चलाना और कार में सीट बेल्ट न लगाना यह दर्शाता है कि लोग कानून के डर से तो बच रहे हैं, लेकिन अपने जीवन की परवाह नहीं कर रहे हैं।
  3. अनाधिकृत कट और मोड़: बिना इंडिकेटर दिए अचानक मुड़ना या यू-टर्न लेना पीछे से आ रहे तेज गति के वाहनों के लिए जानलेवा साबित होता है।
  4. निष्कर्ष संदेश: “क्षण भर की जल्दी, जीवन भर की गलती बन सकती है।” हमें यह समझना होगा कि यातायात के नियम हमारी सुरक्षा के लिए हैं, हमारी राह में बाधा डालने के लिए नहीं। बिना ड्राइविंग लाइसेंस के गाड़ी चलाना कानूनन अपराध है।

प्रश्न 14. “School Safety Plan” (शाला सुरक्षा वार्षिक कैलेंडर) के तहत जुलाई से सितंबर माह के दौरान विद्यालय स्तर पर की जाने वाली प्रमुख सुरक्षा गतिविधियों की रूपरेखा तैयार कीजिए।

  • उत्तर: शाला सुरक्षा कैलेंडर के अनुसार मध्य सत्र (जुलाई से सितंबर) में मानसून जनित और बाल संरक्षण संबंधी निम्नलिखित गतिविधियाँ की जानी अनिवार्य हैं:
  1. जुलाई माह की गतिविधियाँ: इस दौरान मानसून की शुरुआत होती है, अतः बाढ़/भारी बारिश जैसी प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के लिए ‘सुरक्षित निकासी अभ्यास’ (Mock Drill) आयोजित किया जाना चाहिए। साथ ही मानसून-पूर्व चिन्हित किए गए जलभराव, फिसलन और खुले तारों जैसी कमियों को ठीक कर समीक्षा बैठक की जानी चाहिए।
  2. अगस्त माह की गतिविधियाँ: अगस्त में स्वतंत्रता दिवस के साथ-साथ ‘विद्यालय प्रबंधन समिति’ (SMC) के साथ सुरक्षा पर विशेष बैठक आयोजित की जाती है और अभिभावक-समुदाय के साथ सुरक्षा संवाद कार्यक्रम चलाया जाता है।
  3. सितंबर माह की गतिविधियाँ: यह महीना बच्चों की सुरक्षा के लिए बेहद संवेदनशील है। इसके तहत बाल संरक्षण POCSO अधिनियम की जानकारी देना, स्कूल में ‘एंटी-बुलिंग’ (रैगिंग व प्रताड़ना विरोधी) वातावरण तैयार करने वाली गतिविधियाँ आयोजित करना और छात्रों को भावनात्मक सुरक्षा देने के लिए ‘जीवन कौशल एवं भावनात्मक सुरक्षा’ (SEL) सत्र आयोजित करना शामिल है।

प्रश्न 15. पर्यावरण क्षरण (Environmental Degradation) क्या है? इसके मुख्य कारणों और इसे रोकने के उपायों पर प्रकाश डालिए।

  • उत्तर: मानव की अविवेकी गतिविधियों के कारण हवा, पानी, मिट्टी और वनों जैसे प्राकृतिक संसाधनों की गुणवत्ता में होने वाली निरंतर गिरावट को पर्यावरण क्षरण कहते हैं।
  • मुख्य कारण: (1) तेजी से बढ़ती जनसंख्या और उद्योगों से निकलने वाला रासायनिक धुआं व कचरा। (2) कृषि योग्य भूमि और शहरीकरण के लिए वनों की अंधाधुंध कटाई (Deforestation)। (3) प्लास्टिक और गैर-बायोडिग्रेडेबल अपशिष्टों का अनियंत्रित फैलाव।
  • रोकने के उपाय:
  1. वृक्षारोपण: खाली पड़ी भूमियों और पहाड़ी ढलानों पर बड़े पैमाने पर स्थानीय पुष्पीय व छायादार पौधे लगाना।
  2. सतत प्रबंधन: नदियों और जलाशयों में औद्योगिक कचरा बहाने से पहले उसका प्रभावी उपचार (Treatment) करना।
  3. जागरूकता व कानून: एकल-उपयोग प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध लगाना और नवीन व नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों (जैसे सौर ऊर्जा) को बढ़ावा देना।

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